TI-नायब तहसीलदार विवाद: एकतरफा कार्रवाई पर सतनामी समाज ने जताई नाराजगी, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना में मंगलवार रात थाना प्रभारी (TI) तोप सिंह नवरंग और नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आईजी ने थाना प्रभारी नवरंग को लाइन अटैच कर दिया, जिससे सतनामी समाज में आक्रोश फैल गया है। समाज ने इसे एकतरफा कार्रवाई मानते हुए बुधवार को बिलासपुर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक समाधान नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
क्या है मामला?
मंगलवार को सरकंडा थाना परिसर में नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा और थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग के बीच किसी विवाद के बाद स्थिति बिगड़ गई। नायब तहसीलदार ने थाना प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई, आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वहीं, पुलिस ने भी नायब तहसीलदार मिश्रा और उनके भाई पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया।
इस विवाद का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद थाना प्रभारी नवरंग को नायब तहसीलदार को धक्का देते हुए देखा गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना के बाद, आईजी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया।
सतनामी समाज की आपत्ति
इस निर्णय पर सतनामी समाज ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया है। सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष और संतुलित कार्रवाई की मांग की। समाज का कहना है कि थाना प्रभारी के विरुद्ध की गई कार्रवाई एकतरफा है और इसमें नायब तहसीलदार की भूमिका की अनदेखी की गई है। समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
सतनामी समाज की इस प्रतिक्रिया के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।



