अवैध प्लाटिंग के मामले में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर, तोरवा में युवक को पड़ा झांसा

रायपुर//बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे राज्य में अवैध प्लाटिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में एक युवक के साथ अवैध प्लाटिंग करने वाले बिल्डर ने धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया। युवक ने झांसे में आकर एक अवैध प्लाट खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री भी कराई थी, लेकिन नामांतरण न होने की वजह से मामला पुलिस तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, गोड़पारा निवासी प्रदीप गुप्ता ने ग्राम खमतराई के हुसैन अली से संपर्क किया, जो महमंद में कम कीमत पर जमीन बेचने का दावा कर रहा था। हुसैन अली ने उसे आश्वासन दिया कि वह जमीन का नामांतरण और विक्रय प्रमाण पत्र भी दे देगा। प्रदीप ने हुसैन अली के झांसे में आकर 1 लाख 68 हजार रुपये देकर प्लॉट की रजिस्ट्री कराई, लेकिन बाद में जब नामांतरण के लिए वह संबंधित विभाग में गया तो पता चला कि यह जमीन अवैध प्लाटिंग का हिस्सा थी।
प्रदीप ने जब मामले की जांच की, तो पता चला कि हुसैन अली ने अवैध तरीके से जमीन को टुकड़ों में बांटकर बेचा है, जिसके कारण नामांतरण संभव नहीं हो पा रहा था। प्रदीप ने इस धोखाधड़ी की शिकायत तोरवा थाने में की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी हुसैन अली के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में अवैध प्लाटिंग के बढ़ते खतरे को उजागर करता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



