बिलासपुर संभाग
हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई, नगर निगम का शपथ पत्र नामंजूर, 60% पानी की सफाई क्षमता, 40% बिना ट्रीटमेंट के छोड़ा जाएगा

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // अरपा नदी के उद्गम स्थल के संरक्षण को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान नगर निगम ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह केवल 60% पानी को ही ट्रीटमेंट करने में सक्षम है। बाकी 40% पानी को बिना साफ किए ही अरपा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने इस मामले में कोई स्पष्ट समाधान नहीं दिया, जिससे कोर्ट ने शपथ पत्र को नामंजूर कर दिया।
जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस राधाकृष्ण अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने निगम को आदेश दिया कि वह एक नया शपथ पत्र पेश करें, जिसमें विस्तृत कार्य योजना दी जाए। साथ ही, पेंड्रा में अरपा नदी के उद्गम स्थल को संवारने के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति से अदालत को निरंतर अवगत कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।



