एमपी में आवारा मवेशियों पर काबू : सड़क दुर्घटनाओं की समस्या का समाधान

भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव की सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए आवारा मवेशियों के खिलाफ एक ठोस कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्रमुख मार्गों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नौकरशाहों को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है।
सड़कों पर मवेशियों के नियंत्रण के लिए विशेष समिति का गठन
प्रदेश सरकार ने सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में प्रमुख रूप से आईएएस अधिकारी शामिल होंगे, जिनकी जिम्मेदारी होगी कि वे सड़कों पर आवारा मवेशियों के खिलाफ एक प्रभावी अभियान चलाएं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस समिति का गठन किया है, जिसमें आईएएस अधिकारियों को अध्यक्ष और सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

15 दिनों का विशेष अभियान: प्रमुख मार्गों पर कार्रवाई
प्रदेश सरकार ने आवारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए एक 15-दिवसीय विशेष अभियान की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत, पीडब्ल्यूडी, पंचायत, नगरीय प्रशासन और पशुपालन विभाग के आईएएस अधिकारियों को मिलाकर एक 5 सदस्यीय टीम बनाई गई है। यह टीम गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देशन में कार्य करेगी और प्रमुख मार्गों पर आवारा मवेशियों को हटाने के लिए अभियान चलाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं से बचाव में मिलेगी मदद
आवारा मवेशियों की संख्या में कमी से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इस विशेष अभियान के माध्यम से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का यह कदम प्रदेश के सड़क नेटवर्क को सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
