स्पेशल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // दुष्कर्म के एक मामले में स्पेशल कोर्ट ने आरोपी यशदास मानिकपुरी उर्फ अंशु को विभिन्न धाराओं के तहत 20-20 साल की सजा सुनाई है। एक धारा में पांच और एक अन्य धारा में तीन साल की अतिरिक्त सजा भी दी गई है। कोर्ट ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया और आरोपी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही, पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया गया है।
अभियुक्त के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-363, 366-क, 376(3) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-5(1)/6 के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामले की तफ्तीश के अनुसार, अभियुक्त ने 29 जनवरी 2023 को यादव मोहल्ला टिकरापारा, थाना-सिटी कोतवाली क्षेत्र में बालिका से दुष्कर्म किया और इसके बाद 27 फरवरी 2023 तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता की मां ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया कि उनकी बेटी 29 जनवरी को शाम करीब 4 बजे घर से बाथरूम जाने निकली थी और वापस नहीं लौटी। बाद में वह आरोपी के साथ बरामद हुई।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी की आयु अधिक नहीं है, लेकिन उसने 16 वर्ष से कम आयु की अवयस्क लड़की की संवेदनशीलता का लाभ उठाते हुए दुष्कर्म किया। कोर्ट ने इस बात को भी मान्यता दी कि आरोपी का कृत्य न केवल समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, बल्कि पीड़िता की मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डालता है।



