छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “दिल्ली भेजने का निर्णय आपकी ओर से, अब छत्तीसगढ़ी को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने की जिम्मेदारी मेरी”

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के 17वें स्थापना दिवस का समारोह 14 अगस्त को राजधानी रायपुर में धूमधाम से मनाया गया। यह कार्यक्रम रायपुर के घड़ी चौक स्थित महंत राजा घासीदास संग्रहालय के आडिटोरियम में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा और संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी.जी. विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे से हुई, जिसमें प्रदेशभर से कवि, इतिहासकार, और राजभाषा आयोग से जुड़े लोग शामिल हुए। समारोह को दो सत्रों में बांटा गया। दूसरे सत्र में, राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 14 पुस्तकों का विमोचन सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया। इसके बाद, छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की दिशा और प्रशासनिक कार्यों में छत्तीसगढ़ी के उपयोग पर एक परिचर्चा आयोजित की गई।

छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने बताया कि 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन और पुस्तक विमोचन का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि आयोग मातृभाषा में शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और छत्तीसगढ़ी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समारोह पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आयोग का गठन हमारे नेतृत्व में हुआ है और मातृभाषा का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों को आश्वस्त किया कि जनता ने उन्हें संसद तक भेजा है, इसलिए छत्तीसगढ़ी को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने की जिम्मेदारी भी उनकी है।
