उच्च शिक्षा में सुधार: 36 कॉलेजों के लिए नए भवन और छात्रावास की व्यवस्था, 131.52 करोड़ की फंडिंग का ऐलान
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के 36 कॉलेजों में नए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए 131.52 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे पहले, पूर्व कांग्रेस सरकार ने बजट का प्रावधान तो किया था, लेकिन राशि की व्यवस्था नहीं की गई थी। मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री चौधरी ने राशि की व्यवस्था कर इस योजना को मंजूरी दे दी है। स्वीकृत राशि का उपयोग आधुनिक भवन, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास और अन्य शैक्षणिक व प्रशासनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जाएगा।
राज्य के 36 महाविद्यालयों में नए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए मिली स्वीकृति :
राज्य के 36 महाविद्यालयों में भवन और छात्रावास निर्माण के लिए सहमति प्रदान की गई है, जिसमें समोदा महाविद्यालय, आरंग, मोपका-निपनिया महाविद्यालय, बलौदाबाजार-भाटापारा, पिरदा महाविद्यालय, बसना, बरमकेला महाविद्यालय, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सकरी महाविद्यालय, तखतपुर, नगरदा महाविद्यालय, सक्ती, सारागांव महाविद्यालय, जांजगीर-चांपा, नांदघाट महाविद्यालय, नवागढ़, दाढ़ी महाविद्यालय, सन्ना महाविद्यालय, जशपुर, धनोरा महाविद्यालय, केशकाल, बाकी मोंगरा महाविद्यालय, कटघोरा, धौरपुर महाविद्यालय, लुंड्रा, कन्या महाविद्यालय प्रेमनगर, दूब. महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. राधाबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रायपुर, कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, देवेन्द्र नगर, रायपुर, मिनीमाता कर्मा कन्या महाविद्यालय, बलौदाबाजार, मचेवा माता कर्मा कन्या महाविद्यालय, महासमुंद, कन्या महाविद्यालय, बेमेतरा, राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अम्बिकापुर, बिल्हा महाविद्यालय, बिल्हा, सरायपाली महाविद्यालय, महासमुंद, बेरला महाविद्यालय, बेमेतरा, फिंगेश्वर महाविद्यालय, राजिम, कुनकुरी महाविद्यालय, कुनकुरी, शासकीय महाविद्यालय, प्रेमनगर, कुई कुकदूर महाविद्यालय, पंडरिया, पेण्ड्रावन महाविद्यालय, साजा, गोबरा नवापारा कन्या महाविद्यालय, अभनपुर, सिलौटी महाविद्यालय, कुरूद, अमोरा महाविद्यालय, मुंगेली, मनोरा महाविद्यालय, जशपुर, कमलेश्वरपुर महाविद्यालय, सीतापुर, रिसाली महाविद्यालय, दुर्ग और कुम्हारी महाविद्यालय, दुर्ग शामिल हैं।
इस निर्णय के तहत, 131 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि से इन महाविद्यालयों की सुविधाओं में सुधार होगा और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जाएगा। इससे युवाओं को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएँ मिलेंगी और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद मिलेगी।



