फिर एक मासूम की मौत… 10 लोग अतिरिक्त प्रभावित कुएं के पानी से फैल रहा डायरिया

डायरिया से मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच :
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // जिले में डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मस्तूरी क्षेत्र में एक 2 वर्षीय बच्चे की डायरिया के कारण मौत हो गई। बच्चे की तबियत बीती रात से खराब थी , और उल्टी-दस्त के चलते उसके परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे , लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। गांव में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और जांच शुरू कर दी है।
बच्चे की मौत से परिजनों में मचा हड़कंप :
मस्तूरी विकासखंड के ग्राम बूढ़ीखार के निवासी राजकुमार केवर्त के परिवार में दुःख की लहर है। राजकुमार के तीन बच्चों में से एक, दो साल का बेटा वीर केवर्त, अचानक रात में उल्टी और दस्त से पीड़ित हो गया। परिजन उसे मल्हार स्थित अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टर ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मस्तूरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया।
मस्तूरी ले जाने के दौरान, वीर की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों को नहीं मिल रहा साफ पानी: डायरिया से मौत और सरकारी दावों की पोल :
हाल ही में बुढीखार के केंवट मोहल्ले में एक बच्चे की डायरिया से मौत ने स्थानीय स्वच्छ जल आपूर्ति योजनाओं की खामी उजागर कर दी है। जानकारी के मुताबिक, मृत बच्चे के घर के आसपास 8 से 10 लोग भी डायरिया से प्रभावित हैं। मोहल्ले में सरकारी हैंडपंप की अनुपस्थिति के कारण, ग्रामीण एक खुले कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि नल जल योजना और अन्य स्वच्छ जल आपूर्ति योजनाओं के सरकारी दावे पूरी तरह से विफल हो गए हैं। स्वच्छ पानी की इस किल्लत ने स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल दिया है और सरकारी दावों की सच्चाई को उजागर कर दिया है।



